कहने के तरीक़े
| उज़्बेक | उच्चारण | अर्थ | कब |
|---|---|---|---|
| Xayrli tong | ख़ैरली तोंग | सुप्रभात | लगभग दस-ग्यारह बजे तक। |
| Xayrli kun | ख़ैरली कुन | शुभ दिन | दिन के समय; फ़ोन और लिखित में आम। |
| Xayrli kech | ख़ैरली केच | शुभ संध्या | देर दोपहर से। |
| Assalomu alaykum | अस्सलोमु अलैकुम | नमस्ते | जो लोग असल में सबसे ज़्यादा बोलते हैं, किसी भी समय। |
| Yaxshi dam oldingizmi? | यख़्शी दम ओल्दिंगिज़मी | क्या आपने अच्छे से आराम किया? | सुबह का आम सवाल, शिष्ट। |
| Yaxshi dam oldingmi? | यख़्शी दम ओल्दिंगमी | क्या अच्छे से आराम किया? (अनौपचारिक) | दोस्त या बच्चे से। |
| Hammaga xayrli tong | हम्मगा ख़ैरली तोंग | सबको सुप्रभात | किसी समूह या कमरे में बैठे सब लोगों से। |
उच्चारण वाला कॉलम देवनागरी में अनुमानित उच्चारण है; उज़्बेक में ज़ोर आम तौर पर आख़िरी अक्षर पर पड़ता है। x उर्दू का ख़ (خ) है, q उर्दू का क़ (ق) और gʻ उर्दू का ग़ (غ)। oʻ बंद, गोल “ओ” है; सादा o ज़्यादा खुला है, “ऑ” के क़रीब, इसे “आ” मत पढ़िए। उज़्बेक में महाप्राण (ख, घ, थ) और मूर्धन्य (ट, ड) ध्वनियाँ नहीं हैं।
शाब्दिक अर्थ
शुभ भोर।
जवाब में क्या कहा जाता है
Xayrli tong (ख़ैरली तोंग): “सुप्रभात”. आप बस वही अभिवादन लौटा देते हैं।
असल बातचीत में
- आप: Xayrli tong! Yaxshi dam oldingizmi?
सुप्रभात! अच्छी नींद ली? - मेज़बान: Xayrli tong! Rahmat, yaxshi. Choy ichasizmi?
सुप्रभात! हाँ, धन्यवाद, अच्छी। चाय लेंगे? - आप: Ha, rahmat.
हाँ, धन्यवाद। - मेज़बान: Marhamat, nonushta tayyor.
लीजिए, नाश्ता तैयार है।
जानने लायक़ बातें
- Xayrli का मतलब है “अच्छा, शुभ”; tong है भोर, kun है दिन, kech है शाम, tun है रात। एक विशेषण, चार अभिवादन।
- बोलचाल में ये समय-आधारित अभिवादन थोड़े किताबी लगते हैं, पर संदेशों और ईमेल में बिल्कुल स्वाभाविक हैं।
- Yaxshi dam oldingizmi? (“क्या आपने अच्छी नींद ली?”) मेहमान या मेज़बान से पूछा जाने वाला आम सुबह का सवाल है।
- Tong में ng एक ही ध्वनि है, न के बाद अलग से कड़ा ग नहीं: तोंग।
आम ग़लतियाँ
- hayrli लिखना। यह शब्द x से शुरू होता है, यानी ख़, सादे ह से नहीं।
- दोपहर में Xayrli tong कहना। दस-ग्यारह बजे के बाद Xayrli kun कहिए या सीधे Assalomu alaykum।
यह वाक्य मुफ़्त वाक्यांश-पुस्तिका के उज़्बेक में अभिवादन और विदाई पन्ने का हिस्सा है, जहाँ इसके पीछे का व्याकरण भी समझाया गया है।